नेत्रहीन होने के बावजूद करके दिखया असंभव को संभव, पास की यूपीएससी परीक्षा.

दूसरे प्रयास में पास की UPSC परीक्षा, माँ और दोस्तों ने की तैयारी में मदद

Update: 2022-08-27 11:42 GMT

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली UPSC परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती हैं। इस परीक्षा को पास करना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन देश के कई युवा अपनी कड़ी मेहनत और लगन से इस परीक्षा को पास करते है और आईएएस बनने का अपना सपना पूरा करते हैं। साल 2021 यूपीएससी का रिजल्ट कुछ समय पहले घोषित किया जा चुका है। इस परीक्षा में कुल 685 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। इन्हीं अभ्यर्थियों में एक ऐसे अभ्यर्थी ने इस परीक्षा को पास किया है, जिनके लिए यह परीक्षा पास करना सामान्य अभ्यर्थियों से थोड़ा सा ज्यादा कठिन था। क्योंकि यह अभ्यर्थी आखों से देख नही सकते है । बावजूद इसके उन्होंने कड़ी मेहनत की और लगन से इस परीक्षा को पास कर एक मिसाल पेश की है। उनका नाम सम्यक एस जैन हैं। सम्यक ने 2021 की यूपीएसी परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल कर IAS अफसर बनने का अपना सपना पूरा किया है। आइए जानते हैं सम्यक के संघर्षों के बारे में।


कौन हैं सम्यक एस जैन- सम्यक एस जैन दिल्ली के रोहणी इलाके के रहने वाले हैं। उनकी स्कूली शिक्षा रोहणी के ही एक स्कूल से पूरी हुई। उसके आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने इंग्लिश ऑनर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से इंटरनेशनल रिलेशन में एमए की डिग्री हासिल की।

लॉकडाउन में शुरू की UPSC की तैयारी- सम्यक एस जैन ने मीडिया को बताया कि जब साल 2020 में कोविड-19 की वजह से लॉकडाउन लगा । तब सभी स्कूल, कॉलेज बंद हो गए और पढ़ाई ऑनलाईन होने लगी। उसी समय साल 2020 के मार्च से, मैं अपनी यूपीएससी की तैयारी की शुरुआत की। ऑनलाइन पढ़ाई होने की वजह से मुझे यूपीएससी की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाता था। मै हर दिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करता था।


पहले प्रयास में मिली असफलता- सम्यक ने बताया कि मेरे लिए यूपीएससी परीक्षा पास करना बेहद कठिन था। क्योंकि मैं आंखों से देख नही सकता हूँ l और मुझे पढ़ने के लिए किताबें डिजिटल  फॉर्मेट में चाहिए होती थी। जो मार्केट में बहुत मुश्किल से मिलती थी।उन्होंने ने कहा कि यूपीएससी की तैयारी में मेरी मां और दोस्तों ने मेरी बहुत मदद की। उन्होंने बताया कि जब मैंने अपना पहला अटेम्प्ट साल 2020 में दिया, तो प्रीलिम्स परीक्षा में मेरी मां ने कॉपी लिखी। वहीं मेंस परीक्षा में मेरी एक दोस्त ने राइटर के तौर पर कॉपी लिखी। लेकिन मैं पहले प्रयास में असफल रहा।


दूसरे अटेम्प्ट में हासिल की 7वीं रैंक- सम्यक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जब साल 2020 का यूपीएससी का रिजल्ट घोषित हुआ, और मुझे पहले प्रयास में असफलता मिली। तब मेरी मां और दोस्तों ने मेरा हौसला बढ़ाया और कहा कि चिंता मत करो अगले प्रयास में तुम जरूर सफल हो जाओगे। उसके बाद मैं एक बार फिर से तैयारी में जुट गया। प्रीमेंस और इंटरव्यू के बाद जब 2021 यूपीएससी का रिजल्ट घोषित हुआ। तब मैं रिजल्ट देख कर अवाक रह गया। क्योंकि इस बार की परीक्षा में सिर्फ सफल ही नही हुआ बल्कि मुझे ऑल इंडिया 7वीं  रैंक मिली थी। जिसकी मुझे थोड़ी सी भी आशा नहीं थी। मेरी इस सफलता से मेरे माता पिता और दोस्त बहुत खुश हुए। सम्यक ने कहा कि मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और दोस्तो को देना चाहता हूं। क्योंकि उनकी मदद के बिना इतनी बड़ी परीक्षा पास करना मेरे लिए असंभव था।

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